हरिद्वार में 37 साल में पहली बार -6 डिग्री पहुंचा तापमान, पहाड़ से मैदान तक ठंड पूरे यौवन पर!
देहरादून। प्रदेश में हरिद्वार में 37 साल में पहली बार -6 डिग्री तापमान पहुंचा है। ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार में शीतलहर का कहर जारी है। पहाड़ों में पाला परेशानी बढ़ा रहा है।
हरिद्वार के बहादराबाद में 1985 में मौसम विभाग का सेंटर स्थापित होने के बाद पहली बार बुधवार को न्यूनतम तापमान -6 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। वहीं अधिकतम तापमान भी 10.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इतना कम तापमान देख एक बार को तो मौसम विभाग के अधिकारी भी हैरान रह गए। उन्होंने तापमान की दोबारा जांच की।
मौसम विभाग के शोध पर्यवेक्षक नरेंद्र रावत के मुताबिक 37 साल में पहली बार न्यूनतम और अधिकतम पारे में इतनी गिरावट दर्ज हुई है। 1988 में न्यूनतम तापमान -3 रिकॉर्ड हुआ था। 2018 में न्यूनतम तापमान -1 डिग्री रिकॉर्ड हुआ था। अधिकतम तापमान भी 37 सालों में इतने नीचे कभी नहीं आया।
मौसम विभाग ने ऊधमसिंहनगर और हरिद्वार में अगले 48 घंटे के लिए शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के मुताबिक ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिलों में जबरदस्त ठंड पड़ने के साथ ही कोहरा छाया रहेगा। कड़ाके की ठंड के कारण कक्षा एक से 12 तक के सभी सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों, आंगनबाड़ी और मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में बुधवार और बृहस्पतिवार को अवकाश घोषित कर दिया गया है।
पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी, धारचूला की व्यास एवं दारमा घाटियों में ठंड के कारण नलों और झरनों में पानी जमने लगा है। मुनस्यारी में न्यूनतम तापमान -3 तो बागेश्वर में पांच डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हल्द्वानी में बुधवार की सुबह ही कोहरे के आगोश में हुई। पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी में रात के समय तापमान माइनस तीन डिग्री तक पहुंच रहा है। चंपावत और नैनीताल में धूप खिली हुई हैं। यहां न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस है जबकि सरोवर नगरी में 8 डिग्री सेल्सियस है। तराई में दो दिनों से चल रही शीतलहर और गलन से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।
