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लगातार तीसरे दिन मसूरी, धनोल्टी और चकराता सहित ऊंची चोटियों पर हो रही बर्फबारी

देहरादून। प्रदेश में शनिवार रात से लेकर आज सोमवार सुबह तक मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होती रही। जिसके बाद अब कड़ाके की ठंड पड़ रही है। आज सोमवार को भी मौसम खराब बना हुआ है। चकराता, मसूरी, धनोल्टी, औली सहित लगभग सभी ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई है। आज सुबह भी जमकर बारिश हुई और बर्फबारी जारी है। नैनीताल की ऊंची चोटियां भी बर्फ की सफेद चादर से ढक गई हैं।चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ सहित अन्य जिलों में ऊंचाई वाले इलाके बर्फ से ढके हुए हैं। केदारनाथ, बदरीनाथ, यमुनोत्री व गंगोत्री में भी जमकर बर्फबारी हुई है। नई टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली व आसपास के क्षेत्रों में रात भर से बारिश हो रही है। बर्फबारी से यमुनोत्री हाईवे शनिवार देर रात से कई जगह पर बंद हो गया है। हाईवे फूलचट्टी और राडी टाॅप में बंद हो गया है। बारिश-बर्फबारी से रवांई घाटी का जिला मुख्यालय से सम्पर्क कट गया है। गीठ पट्टी के 12 गांवों का भी तहसील मुख्यालय से सम्पर्क कट गया है।बर्फबारी और बारिश से सभी क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश और बर्फ से चंबा-धनोल्टी मार्ग यातायात के लिए बंद हो गया है। धनोल्टी, काणाताल, कद्दूखाल, सेम मुखेम, प्रतापनगर, गंगी गांव में भी जमकर बर्फबारी हुई है। बर्फ का लुत्फ उठाने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक धनोल्टी पहुंचे। वहीं बर्फबारी के कारण धनोल्टी क्षेत्र में सुबह से बिजली आपूर्ति ठप पड़ी है। टिहरी जिले के धनोल्टी, काणाताल, कद्दूखाल और सुरकंडा क्षेत्र में बीते दो दिन से बर्फबारी का सिलसिला जारी है। धनोल्टी में अभी तक तीन फीट तक बर्फ जम चुकी है।देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, दिल्ली से पर्यटक बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए धनोल्टी पहुंच रहे हैं, लेकिन बर्फ के कारण काणाताल से आगे धनोल्टी मार्ग यातायात के लिए बाधित हो गया। हालांकि रोड से बर्फ हटाने के लिए जेसीबी लगाई गई है, लेकिन लगातार बर्फ गिरने के कारण सड़क खोलने में दिक्कतें आ रही हैं। वहीं धनोल्टी आलू फार्म, इको पार्क पहुंचकर सैलानियों ने बर्फ का आनंद लिया। पर्यटक एक दूसरे के ऊपर बर्फ फेंकते नजर आए। जगह-जगह बिजली लाइन टूटने के कारण धनोल्टी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई है। सेम मुखेम, प्रतापनगर, चोरंगीखाल की चोटियां बर्फ से ढक गई हैं। भिलंगना ब्लॉक के गंगी, पिन्सवाड़, मेढ, गेंवाली गांव में भी जमकर बर्फबारी हुई है।बदरीनाथ धाम में लगभग पांच और हेमकुंड साहिब में छह फीट तक बर्फ जम गई है। गौरसों बुग्याल, औली, रुद्रनाथ, लाल माटी सहित नीती और माणा घाटियों में जमकर बर्फबारी हुई है। वहीं बर्फबारी से जोशीमठ-औली, बदरीनाथ हाईवे हनुमान चट्टी से आगे और गोपेश्वर-चोपता-ऊखीमठ हाईवे जगह-जगह अवरुद्ध हो गया है। औली में जमकर बर्फबारी होने से पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं। जोशीमठ-औली मार्ग बंद होने से पर्यटक रोपवे से औली पहुंच रहे हैं।लगातार बर्फबारी के कारण केदारनाथ में 14 फीट से अधिक बर्फ जमा होने की बात कही जा रही है। क्षेत्र में संचार सेवा ठप होने से संपर्क नहीं हो पा रहा है।केदारनाथ में इन दिनों कुछ साधु ही रह रहे हैं। उधर द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्र भी बर्फ से लकदक हैं। निचले इलाकों में दिनभर हल्की बूंदाबांदी होती रही। रविवार को केदारनाथ में सुबह से देर शाम तक रुक-रुककर बर्फबारी होती रही। इस दौरान लगभग एक फीट तक नई बर्फ जम गई थी। द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ में भी चार से पांच फीट तक बर्फ जमा हो गई है। हरियाली कांठा, द्यूली खरक, कालशिला, चिरबटिया व गौरीकुंड के ऊपरी क्षेत्रों में भी काफी बर्फ गिर चुकी है। बर्फबारी के कारण रुद्रप्रयाग जनपद के गौंडार, तोषी, त्रियुगीनारायण, चिलौंड, चौमासी सहित 30 से अधिक गांवों में लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग सहित तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, गुप्तकाशी, ऊखीमठ, मयाली, जखोली, बसुकेदार में दिनभर हल्की बूंदाबांदी होती रही।गंगोत्री, यमुनोत्री सहित जनपद के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार को जमकर बर्फबारी हुई। वहीं निचले क्षेत्रों में दिनभर बारिश होती रही। जिससे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड रही। उत्तरकाशी जनपद के दोनों धामों सहित हर्षिल, मुखबा, खरसाली, सुक्की टॉप, झाला, रैंथल, बारसू, राड़ीटॉप, चौरंगीखाल जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दो दिनों से जमकर बर्फबारी हो रही है। बर्फबारी के चलते जनपद में कई स्थानों पर सड़क मार्ग भी अवरुद्ध रहे। वहीं जनपद के निचले क्षेत्रों में भी दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। जिससे कड़ाके की ठंड बढ़ गई है। बारिश-बर्फबारी से पहाड़ों पर जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। पिथौरागढ़ में लगातार चौथे दिन भी मौसम खराब रहा। शनिवार की रात हुए भारी हिमपात से थल-मुनस्यारी सड़क बंद हो गई। पर्यटकों के वाहन कालामुनि में फंसे हुए हैं। धारचूला की व्यास और दारमा घाटियों में भी जमकर बर्फ गिरी है। रविवार को अल्मोड़ा जिले के बिनसर और पांडवखोली में बर्फबारी हुई।बागेश्वर जिले में बारिश और हिमपात का दौर जारी है। कपकोट के पिंडर घाटी में बर्फबारी हो रही है। बिचला दानपुर क्षेत्र के पहाड़ियों में हिमपात हुआ है। जिले के अन्य इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। नैनीताल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार को छठी बार बर्फबारी हुईं। इसके बाद सुबह से ही नैना पीक, टिफिन टॉप, हिमालय दर्शन, अयारपाटा, बारापत्थर, स्नो व्यू आदि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी देखने के लिए काफी संख्या में पर्यटक पहुंच गए। मुक्तेश्वर, रामगढ़ और धानाचूली में भी जमकर बर्फबारी हुई है। 

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