देहरादून। उत्तराखंड में मौसम का मिजाज पल-पल बदल रहा है। खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कई स्थानों पर आपदा जैसे हालात पैदा हो गए हैं, साथ ही भारी बारिश से भूस्खलन व नदी-नाले उफान पर हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले में भारी से भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। जबकि, अन्य जिलों में भी तेज गर्जन के साथ कई दौर की तेज बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए आरेंज अलर्ट जारी किया गया है, साथ ही लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
गौर हो कि प्रदेश में बारिश लोगों पर कहर बनकर टूर रही है। प्रदेश में रुक-रुककर हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है, साथ ही कई संपर्क मार्गों पर लगातार मलबा गिर रहा है। जिससे यातायात बाधित हो रहा है।
बता दें कि भारी बारिश और भूस्खलन से राज्य में 131 मार्ग बंद हैं। इसमें सबसे अधिक पिथौरागढ़ और चमोली जिला प्रभावित हैं। पिथौरागढ़ जिले में दो बार्डर रोड और 21 ग्रामीण मार्ग बंद हैं। चमोली में 23 ग्रामीण मार्ग प्रभावित हैं। बागेश्वर में एक जिला मार्ग, दो मुख्य जिला मार्ग और 13 ग्रामीण मार्ग, उत्तरकाशी में एक राज्य मार्ग, एक मुख्य जिला मार्ग और सात ग्रामीण मोटर मार्ग और देहरादून में दो राज्य मार्ग, एक अन्य मार्ग और 15 ग्रामीण मार्ग बंद हैं।
रुद्रप्रयाग में आठ, पौड़ी में 11, टिहरी में नौ, नैनीताल में तीन, चंपावत में सात ग्रामीण मोटर मार्ग और अल्मोड़ा और ऊधम सिंह नगर में एक राज्य मार्ग और एक ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हैं। वहीं, टिहरी बांध का जलस्तर 791.91 मीटर (अधिकतम 830 मीटर) है।