BSF का एरिया बढ़ा तो कांग्रेस समझाने लगी ‘क्रॉनॉलजी’
केंद्र सरकार के कुछ राज्यों बीएसएफ के अधिकारों का दायरा बढ़ाने पर कांग्रेस हमलावर है। पार्टी महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने गुरुवार को इसे केंद्र सरकार का ‘एकतरफा’ फैसला करार दिया। उन्होंने इशारों में कहा कि यह कदम गुजरात में बंदरगाहों से हेरोइन के मूवमेंट से ध्यान भटकाने वाला कदम है।
सुरजेवाला ने गृह मंत्री अमित शाह के अंदाज में ही उनके मंत्रालय के फैसले पर तंज कसा। शाह का ‘क्रॉनॉलजी’ समझाने वाला बयान खूब चर्चित हुआ था। सुरजेवाला ड्रग्स पकड़े जाने की ‘क्रॉनॉलजी’ समझाकर केंद्र सरकार का विरोध करते नजर आए।
सुरजेवाला ने बीएसएफ का न्याय-क्षेत्र बढ़ाने से जुड़े आदेश को गुजरात में ड्रग्स की बरामदगी से जोड़ दिया। उन्होंने एक ट्वीट में कहा:
- ‘द क्रॉनॉलजी
- 9 जून 2021 को गुजरात के अदानी पोर्ट के रास्ते 25,000 किलो हेरोइन आई।
- 13 सितंबर को गुजरात के अदानी पोर्ट पर 3,000 किलो हेरोइन पकड़ी गई।
- पंजाब में बीएसएफ का न्याय-क्षेत्र 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50Kms कर दिया गया।
- संघवाद मृत है, साजिश साफ है।
पंजाब में गर्मा सकती है सियासत
सुरजेवाला का तंज उस फैसले पर था जिसके तहत पंजाब, असम और पश्चिम बंगाल में BSF को अंतरराष्ट्रीय सीमा के 50 किलोमीटर के दायरे में अधिकार दिए गए हैं। इससे पहले बीएसएफ को सीमा के 15 किलोमीटर के दायरे में ही सर्च, सीज और अरेस्ट की इजाजत दी। पंजाब में अगले साल चुनाव होने हैं। ऐसे में इस मसले को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में घमासान तय है। पंजाब सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने हमले की शुरुआत भी कर दी है। उन्होंने इसे ‘संघवाद पर सीधा हमला’ करार दिया।
पंजाब में बढ़ाया, गुजरात में कम हुआ BSF का दायरा
केंद्र सरकार ने जहां तीन राज्यों में BSF के अधिकार-क्षेत्र को 35 किलोमीटर तक बढ़ाया है। गुजरात में BSF का अधिकार क्षेत्र पहले 80 किलोमीटर था, अब 50 किलोमीटर तक कम कर दिया गया है। राजस्थान के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहां बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र 50 किलोमीटर तक है। गृह मंत्रालय के अनुसार, BSF के पास इस दायरे में पासपोर्ट ऐक्ट, NDPS ऐक्ट, कस्टम्स ऐक्ट, CrPC आदि के तहत तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी का अधिकार होगा।
