पुलिस स्मृति दिवस पर धामी का ऐलान: 1600 पदों पर भर्ती, थानों का फंड दोगुना
देहरादून: उत्तराखंड पुलिस में खाली पड़े पदों को भरने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा एलान किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को घोषणा की कि पुलिस विभाग की अलग-अलग विंग में रिक्त 1600 पदों के लिए जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
यह घोषणा पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर देहरादून पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुई। इसी मंच से मुख्यमंत्री ने पुलिस के आधुनिकीकरण, थानों के बजट, जांच व्यवस्था और पुलिसकर्मियों की शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी कई अन्य घोषणाएं भी कीं।
गौरतलब है कि हर साल 21 अक्टूबर को देशभर में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिन ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों की याद को समर्पित है। इसकी पृष्ठभूमि वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स इलाके की घटना से जुड़ी है, जहां सीआरपीएफ के जवान शहीद हुए थे।
एक नजर में मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं:
- पुलिस विभाग में 1600 रिक्त पदों पर जल्द भर्ती
- थानों के खर्च का फंड चार करोड़ से बढ़कर आठ करोड़ रुपये
- थानों में तैनात पुलिस बल की समीक्षा
- विवेचकों को आधुनिक जांच किट
- देहरादून में पुलिस ट्रांजिट हॉस्टल
- पुलिस मॉडर्न स्कूल और पुलिस अस्पताल का उन्नयन
1600 पदों पर भर्ती की तैयारी
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार पुलिस विभाग की विभिन्न विंग में खाली 1600 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। इससे पुलिस बल में रिक्तियों को भरने का काम आगे बढ़ेगा।
पुलिस में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह घोषणा अहम मानी जा रही है। हालांकि भर्ती की तारीख, पदवार संख्या और योग्यता से जुड़ी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इसके लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना होगा।
थानों का खर्च फंड होगा दोगुना
थानों में होने वाले विभिन्न खर्चों के लिए मिलने वाली राशि को दोगुना करने का एलान भी किया गया है। फिलहाल इस मद में थानों को कुल चार करोड़ रुपये मिलते हैं। अब इसे बढ़ाकर आठ करोड़ रुपये किया जाएगा।
यह फंड थानों के अलग-अलग खर्चों को पूरा करने में इस्तेमाल होता है। राशि दोगुनी होने से थानों के पास इन जरूरतों के लिए पहले से ज्यादा संसाधन उपलब्ध रहेंगे।
बल की समीक्षा और विवेचकों को आधुनिक किट
घोषणा के मुताबिक प्रदेश के पुलिस थानों में मौजूद बल की समीक्षा की जाएगी। समीक्षा के बाद जिस थाने में जितनी जरूरत होगी, उसी हिसाब से पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसका उद्देश्य उपलब्ध पुलिस बल का बेहतर उपयोग करना है।
जांच व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विवेचकों, यानी मामलों की जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों, को आधुनिक जांच किट उपलब्ध कराई जाएंगी।
ट्रांजिट हॉस्टल, स्कूल और अस्पताल पर भी ध्यान
पुलिसकर्मियों की सुविधाओं से जुड़ी घोषणाओं में देहरादून में पुलिस ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण भी शामिल है। इसके साथ ही पुलिस मॉडर्न स्कूल को अपग्रेड किया जाएगा और देहरादून स्थित पुलिस अस्पताल का भी उन्नयन होगा।
स्कूल और अस्पताल से जुड़े ये कदम पुलिसकर्मियों की शैक्षणिक और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के मकसद से उठाए जा रहे हैं।
अब इन घोषणाओं को जमीन पर उतारने के लिए संबंधित विभागों की ओर से आगे की कार्यवाही की जाएगी। भर्ती से जुड़ी पूरी तस्वीर आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही साफ होगी।
