देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में जिलाधिकारी सविन बंसल और अधिवक्ताओं के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। हाल ही में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रेमचंद शर्मा के खिलाफ जिलाधिकारी द्वारा की गई कार्रवाई के बाद वकीलों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
DM सविन बंसल के खिलाफ क्यों हुए अधिवक्ता
दरअसल 25 मार्च को कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में मैसेज दून वैली बनाम सरकार वाद की सुनवाई हुई। इस दौरान अधिवक्ता प्रेमचंद शर्मा ने न्यायालय की कार्रवाई पर टिप्पणियां की थी। जिला मजिस्ट्रेट ने इसे न्यायालय की गरिमा के प्रतिकूल और पेशेवर आचरण के गंभीर उल्लंघन के रूप में दर्ज किया। जिसके बाद जांच अवधि के दौरान अधिवक्ता प्रेमचंद शर्मा के प्रैक्टिस अधिकारों के निलंबन पर विचार का अनुरोध किया गया।
डीएम सविन बंसल की इस कार्रवाई पर देहरादून बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि प्रेमचंद शर्मा बार एसोसिएशन के सात बार अध्यक्ष रह चुके हैं। साथ ही चैंबर समिति के अध्यक्ष भी हैं। ऐसे में वरिष्ठ अधिवक्ता की ओर से यदि कोई टिप्पणी की गई थी तो जिलाधिकारी को इसकी सूचना बार एसोसिएशन को देनी चाहिए थी। बार एसोसिएशन ने डीएम के अधीन आने वाले राजस्व न्यायालय और तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
हड़ताल पर बैठे अधिवक्ता
बार एसोसिएशन का कहना है कि तहसील में दाखिल खारिज, विरासत आदि की पत्रावलियां कई महीनो से लंबित हैं। राजस्व न्यायालयों में एडीएम आदि में सुनवाई के लिए कोई समय नियत नहीं है। इसके बावजूद भी जिलाधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बैठक कर निर्णय लिया है कि देहरादून डीएम का ट्रांसफर होने तक जिलाधिकारी न्यायालय का पूर्ण रूप से बहिष्कार होगा। मंगलवार तक यानी 7 अप्रैल तक राजस्व न्यायालयों और रजिस्ट्रार कार्यालयों का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया जाएगा। साथ ही अगर मंगलवार तक जिलाधिकारी का ट्रांसफर नहीं होता है तो सभी अधिवक्ता जिलाधिकारी कोर्ट का बहिष्कार रखेंगे।
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