उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) के भीतर पिछले कई दिनों से सियासी घमासान चल रहा है। प्रदेश की सत्ता पर काबिज समाजवादी पार्टी के शीर्ष परिवार में चल रही कलह के बीच सुलह का रास्ता निकालने का प्रयास शनिवार को भी जारी है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष पद छोड़ने को तैयार नहीं है, वहीं पार्टी के अन्य दिग्गज किसी भी कीमत पर अब रार को समाप्त करने में जुट गए हैं।

वहीं सुलह का कोई रास्ता दिखता नजर नही आरहा है। अगर सुलह नहीं हुई तो दोनों अलग-अलग चुनाव लड़ सकते हैं। समाजवादी पार्टी में पिता-पुत्र में सुलह की कोशिशें जारी हैं। आज भी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के आवास पर नेताओं का जमावड़ा लगा हुआ है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी अपने सरकारी आवास पर पार्टी के नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं।

पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव शुक्रवार को मुखिया मुलायम सिंह यादव के आवास पर आधा दर्जन बार गए, वहीं आज भी दस बजे वार्ता करने के लिए वह पार्टी के मुखिया के आवास पर जमे हैं। उनके साथ कार में पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी, नारद यादव व ओम प्रकाश सिंह भी मुलायम सिंह यादव के आवास पर पहुंचे। सभी नेता एक ही कार में पहुंचे हैं।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी दस बजे ही अपने सरकारी आवास पर पहुंच गए हैं। इसके बाद कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी और एक दर्जन जिलों के अध्यक्ष व अन्य नेता भी वहां पहुंचे हैं। अखिलेश यादव के साथ वार्ता का दौर जारी है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तथा पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के खेमे में तनातनी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कल रात 12 बजे तक मुलायम के आवास पर बैठक होती रही। अखिलेश और मुलायम के बीच मध्यस्थता कर रहे आजम खां भी 12 बजे मुलायम आवास से निकले।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कुछ कारणों का हवाला देकर पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं। मुलायम सिंह यादव उनके इस हठ को अपना अपमान मान रहे हैं। लंबे समय बाद कल पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने भी मुख्यमंत्री के साथ भेंट करने के बाद सुलह का प्रयास किया था