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बजट 2022 : पब्लिक के हाथ में फिर थमाया झुनझुना!

बातें लच्छेदार और हकीकत…

  • टैक्स स्लैब में बदलाव न होने से आम आदमी निराश इसी साल डिजिटल करेंसी लॉन्च करेगा रिजर्व बैंक

नई दिल्ली। आज मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना चौथा बजट पेश कर दिया है। मंगल की उम्मीद लगाये बैठी पब्लिक को निराशा ही हाथ लगी है। संसद में जब उन्होंने 90 मिनट की बजट स्पीच शुरू की तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मुस्कुराते हुए कहा कि मंत्री जी आज डिजिटल बजट पढ़ रही हैं।
आज बजट की सबसे बड़ी दो घोषणाएं भी डिजिटल एरिया की रहीं। आम लोगों को सबसे ज्यादा इंतजार इनकम टैक्स में बदलाव का था पर उनके हाथ निराशा ही लगी। टैक्स स्लैब में इस साल भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। आरबीआई डिजिटल करेंसी लॉन्च करेगा पर निवेश के पॉपुलर जरिए क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली कमाई पर 30% टैक्स लगा दिया है। जानते हैं, बजट की और मुख्य बातें…
इसी वर्ष लॉन्च होगी डिजिटल करेंसी : ब्लॉकचेन और अन्य टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए इसी साल रिजर्व बैंक डिजिटल रुपया जारी करेगा। इससे इकोनॉमी को बहुत अधिक बढ़ावा मिलेगा। क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली कमाई पर 30% का टैक्स लगाया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि वर्चुअल डिजिटल असेट्स के टैक्सेशन में बदलाव किया गया है। ऐसी किसी भी प्रॉपर्टी के ट्रांसफर पर 30% टैक्स लगेगा। कोई छूट नहीं मिलेगी। कॉर्पोरेट टैक्स को 18% से घटाकर 15% कर दिया गया है।
निवेश के लिए 7.55 लाख करोड़ : पूंजी निवेश से रोजगार बढ़ाने में बड़े उद्योगों और एमएसएमई दोनों से मदद मिलती है। महामारी के असर से बाहर निकलने के लिए यह जरूरी है। निजी निवेशकों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके लिए केंद्रीय बजट में 5.54 लाख करोड़ रुपए से बढ़ाकर 7.55 लाख करोड़ का प्रावधान कर दिया गया है। क्लाइमेट चेंज से निपटने के लिए सॉवेरन ग्रीन बॉन्ड जारी किए जाएंगे। इससे मिलने वाली रकम को ऐसे प्रोजेक्टों में लगाया जाएगा, जो कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में मददगार होंगे। सेमी कंडक्टर निर्माण के लिए इंडस्ट्री डेवलप की जाएगी। इससे निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा।
गेमिंग, एनिमेशन बनेंगे इकोनॉमी का हिस्सा : एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट, गेमिंग और कॉमिक्स यानी एवीजीसी सेक्टर में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं। ऐसे में एवीजीसी प्रमोशन टास्क फोर्स इससे जुड़े सभी स्टाक होल्डर के साथ बातचीत करेगी। ऐसे रास्ते तलाशे जाएंगे जिससे हमारी घरेलू क्षमता के जरिए हम अपने बाजार और ग्लोबल मार्केट की जरूरतें पूरी कर सकें।
गरीबों और रोजगार के लिए ऐलान : पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान के तहत एक्सप्रेसवे बनेंगे। नेशनल हाईवे नेटवर्क 25 हजार किमी तक बढ़ाया जाएगा। इस मिशन के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। हमारी कोशिश 60 लाख नए रोजगार का सृजन करने की होगी। गरीबों के लिए 80 लाख घर बनाए जाएंगे। 48000 करोड़ रुपए इसका बजट है। 2022-23 में ई-पासपोर्ट जारी किए जाएंगे, इसमें चिप लगी होगी। विदेश जाने वालों को सहूलियत होगी। डाकघरों में भी अब एटीएम मिलेंगे।
सूक्ष्म और लघु उद्योगों को 6 हजार करोड़ : सूक्ष्म और लघु उद्योगों MSME को मजबूत करने के लिए नई योजनाएं शुरू होंगी। 5 साल में 6000 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। उदयम, ई-श्रम, एनसीएस और असीम पोर्टल आपस में जुड़ेंगे। इससे इनकी संभावनाएं और ज्यादा बढ़ेंगी। अब ये लाइव ऑर्गेनिक डेटाबेस के साथ काम करने वाले प्लेटफॉर्म होंगे। इनसे क्रेडिट सुविधाएं मिलेंगी और आंत्रप्रेन्योरशिप के लिए संभावनाएं बनेंगी।
पीएम ई-विद्या प्रोग्राम का दायरा बढ़ाया : महामारी के दौरान स्कूल बंद रहने से गांव के बच्चों को दो साल शिक्षा से वंचित रहना पड़ा। पीएम ई-विद्या के तहत ऐसे बच्चों के लिए एक क्लास-एक टीवी चैनल प्रोग्राम के तहत अब चैनल 12 से बढ़ाकर 200 कर दिए जाएंगे। ये चैनल क्षेत्रीय भाषाओं में होंगे। व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए तकनीक की मदद ली जाएगी। एक डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी।
400 नई पीढ़ी की वंदे मातरम ट्रेन चलेंगी: 400 नई जनरेशन की वंदे भारत ट्रेन अगले 3 साल के दौरान चलाई जाएंगी। 100 प्रधानमंत्री गति शक्ति कार्गो टर्मिनल भी इस दौरान डेवलप किए जाएंगे। मेट्रो सिस्टम को डेवलप करने के लिए इनोवेटिव रास्ते अपनाए जाएंगे।
गंगा किनारे अब ऑर्गेनिक खेती : एमएसपी का भुगतान सीधे किसानों के खाते में किया जाएगा। गंगा के किनारों के 5 किमी के दायरे में आने वाली जमीन पर ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। खेती की जमीन के दस्तावेजों का डिजिटलीकरण होगा। राज्यों को एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के सिलेबस बदलने को कहा जाएगा, ताकि खेती की लागत को कम किया जा सके। फलों और सब्जियों की उन्नत किस्म अपनाने वाले किसानों की मदद के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम करेंगे। किसानों को डिजिटल सर्विस मिलेगी, जिसमें दस्तावेज, खाद, बीज, दवाई से संबंधित सेवाएं शामिल हैं।
अमृत काल का बजट : सबसे पहले मैं उन लोगों के लिए संवेदना जाहिर करती हूं, जिन्होंने कोविड महामारी में परेशानी झेली। हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं और यह अमृतकाल का बजट है, जो अगले 25 साल की बुनियाद रखेगा। आजादी के 75 साल से 100 साल तक का ब्लू प्रिंट पेश कर रही हूं।
महामारी से प्रभावित हुए किसान, छोटे-मझोले व्यापारी और टूरिज्म सेक्टर को भी स्पेशल पैकेज के ऑक्सीजन की आस थी। युवाओं को रोजगार का सपोर्ट चाहिए और इंडस्ट्री को लोन, टैक्स जैसी प्रोसेस में रिलैक्सेशन की भी चाहत थी। बजट के बाद सभी लोग निराश दिखे।

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