उत्तराखण्डचर्चा मेंराज्य

चारधाम हेली सेवा पर संकट: को-पायलट नियम के विरोध में ऑपरेटरों की चेतावनी

देहरादून: चमोली में हुए हेलीकॉप्टर हादसे के बाद लागू किए गए नए सुरक्षा नियम को लेकर चारधाम हेली सेवा पर संकट गहरा गया है। हर उड़ान में पायलट के साथ को-पायलट अनिवार्य किए जाने के विरोध में हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों ने 2 नवंबर से चारधाम चार्टर सेवाएं रोकने की चेतावनी दी है। ऐसे में यात्रा के आखिरी दिनों में श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ सकती है।

चमोली हादसे के बाद बदले नियम

30 अक्टूबर को बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड जा रहा ट्रांस भारत एविएशन का एक हेलीकॉप्टर जोशीमठ क्षेत्र में चाई गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में पायलट कैप्टन हिमांशु सभरवाल समेत सभी छह लोगों की जान चली गई। बाकी पांचों यात्री कर्नाटक के रहने वाले थे और चारधाम यात्रा से लौट रहे थे।

हादसे के बाद चारधाम मार्ग पर उड़ने वाले हर हेलीकॉप्टर में दो पायलट रखना अनिवार्य कर दिया गया। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार पायलटों को हर उड़ान के बाद उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) को रिपोर्ट भी देनी होगी। दुर्घटना की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) कर रहा है।

चारधाम हेली सेवा ऑपरेटरों की आपत्ति क्या है

रिपोर्टों के मुताबिक 11 चार्टर ऑपरेटरों ने 31 अक्टूबर को संयुक्त पत्र लिखकर नियम पर दोबारा विचार की मांग की। ऑपरेटरों का कहना है कि यह फैसला उनसे बातचीत किए बिना लिया गया। उनके अनुसार अतिरिक्त पायलटों के वेतन, ठहरने और आवाजाही का खर्च मौजूदा किराये और कम मुनाफे में उठाना संभव नहीं है, और पूरा बोझ यात्रियों पर डालना भी व्यावहारिक नहीं होगा।

ऑपरेटरों ने कहा है कि वे सुरक्षा उपायों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन नए नियम व्यावहारिक और सभी पक्षों से चर्चा के बाद तय होने चाहिए। उन्होंने मांग की है कि बातचीत से हल निकलने पर सेवाएं दोबारा शुरू की जाएं।

कपाट बंद होने से पहले श्रद्धालुओं पर असर

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब चारधाम यात्रा अपने अंतिम चरण में है। गंगोत्री धाम के कपाट 10 नवंबर, केदारनाथ और यमुनोत्री के 11 नवंबर तथा बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को बंद होने हैं। इन दिनों बड़ी संख्या में बुजुर्ग और समय की कमी वाले यात्री हेलीकॉप्टर से दर्शन की योजना बनाते हैं।

फिलहाल सभी सेवाएं पूरी तरह बंद होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थिति अधिकारियों और ऑपरेटरों के बीच होने वाली बातचीत पर निर्भर है। जिन यात्रियों ने हेली टिकट बुक कराए हैं, उन्हें यात्रा से पहले अपने ऑपरेटर से उड़ान की स्थिति जरूर पता कर लेनी चाहिए।

मौसम अलर्ट पर भी उठे सवाल

हादसे के दिन मौसम विभाग ने आंधी, बिजली और तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। स्थानीय मीडिया में यह सवाल भी उठा है कि अलर्ट के बावजूद उड़ान क्यों भरी गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना की असली वजह साफ हो पाएगी।

यह भी पढ़ें: चारधाम यात्रा-2026 को लेकर सीएम धामी का सख्त एक्शन प्लान तैयार

फीचर्ड तस्वीर प्रतीकात्मक है। फोटो: Asdelhi95 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

Leave a Reply