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केदारताल ट्रेक: 7 ट्रैकर और गाइड लापता, बर्फबारी में SDRF की तलाश जारी

उत्तरकाशी: उत्तरकाशी जिले में केदारताल ट्रेक पर गए सात ट्रैकर और उनका एक गाइड कई दिनों से लापता हैं। भारी बर्फबारी और खराब मौसम के बीच राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं, लेकिन रविवार तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका।

27 अक्टूबर को शुरू हुआ था केदारताल ट्रेक

जानकारी के अनुसार 13 सदस्यों का एक दल 27 अक्टूबर को गंगोत्री से केदारताल के लिए रवाना हुआ था। इसमें सात ट्रैकर और छह सहयोगी कर्मचारी शामिल थे। दल को 29 अक्टूबर तक लौटना था, लेकिन तय समय पर वापसी नहीं हो सकी। ट्रैकर पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के बताए जा रहे हैं।

दल के साथ गए तीन पोर्टर और एक रसोइया सुरक्षित लौट आए और उन्होंने गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों को घटना की सूचना दी। स्थानीय रिपोर्टों में भोजखड़क के पास हिमस्खलन की बात कही गई है, जबकि अधिकारियों के हवाले से आई जानकारी के मुताबिक ग्लेशियर और भारी बर्फबारी के कारण दल का रास्ता बंद हो गया। अधिकारियों ने यह भी बताया कि फंसे ट्रैकरों में से एक के सिर में चोट आई थी।

हेलीकॉप्टर से दो बार हवाई सर्वे

31 अक्टूबर को गंगोत्री से बचाव दल रवाना हुआ और 1 नवंबर को SDRF ने खोज अभियान तेज किया। गंगोत्री से भेजी गई टीम केदारताल क्षेत्र तक पहुंची, लेकिन भारी बर्फ के कारण आगे बढ़ना मुश्किल हो गया। इसके बाद हेड कांस्टेबल रवि चौहान और कांस्टेबल दीपक पंत हेलीकॉप्टर से हर्षिल पहुंचे और केदारताल क्षेत्र के ऊपर दो बार हवाई सर्वे किया।

हवाई सर्वे में ट्रैकरों या उनके टेंट का कोई स्पष्ट निशान नहीं दिखा। SDRF कमांडेंट अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर पर्वतारोहण में दक्ष एक विशेष टीम तैनात की गई है। बटालियन मुख्यालय से बचाव और पर्वतारोहण उपकरणों के साथ एक अतिरिक्त टीम भी भेजी गई है, जो मौसम ठीक होते ही खोज आगे बढ़ाएगी।

केदारताल ट्रेक क्यों माना जाता है कठिन

केदारताल समुद्र तल से करीब 4,750 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक हिमनदी झील है, जो थलय सागर चोटी की तलहटी में है। गंगोत्री से शुरू होने वाला यह ट्रेक खड़ी चढ़ाई, संकरे रास्तों और तेजी से बदलते मौसम के कारण कठिन श्रेणी में गिना जाता है। अक्टूबर के अंत से यहां बर्फबारी का खतरा बढ़ जाता है।

आगे क्या

SDRF अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर अगले कदम की रणनीति बना रहा है। अधिकारियों का कहना है कि हर संभव प्रयास किया जा रहा है और मौसम साफ होते ही जमीनी व हवाई दोनों स्तर पर तलाश तेज की जाएगी। लापता लोगों के परिजन प्रशासन के संपर्क में हैं।

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फीचर्ड तस्वीर प्रतीकात्मक है। फोटो: Kailas98 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0

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