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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप की कम नहीं हो रही मुश्किलें, लगे गंभीर आरोप, जानें पूरा मामला

वाशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ मंगलवार को 2020 के चुनाव परिणाम को पलटने की कोशिश के आरोप लगाए गए। बीते चार महीने में यह तीसरी बार है जब ट्रंप पर आपराधिक आरोप तय किए गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप को चुनावी हार की भरपाई करने और सत्ता के हस्तांतरण को विफल करने के प्रयास के लिए जांच में आरोपी ठहराया गया है।

ट्रंप पर चार आरोप लगाए गए हैं, सरकारी कार्यवाही में बाधा डालने की साजिश, अमेरिका को धोखा देने की साजिश, किसी आधिकारिक कार्यवाही में बाधा डालना और बाधा डालने की कोशिश करना और अधिकारों के खिलाफ साजिश। ट्रंप को गुरुवार, 3 अगस्त को संघीय अदालत में प्रारंभिक उपस्थिति दर्ज कराने का आदेश दिया गया है। ये आरोप विशेष वकील जैक स्मिथ की आरोपों की जांच से उपजे है। विशेष वकील जैक स्मिथ की व्यापक जांच में ट्रंप पर कई आरोप लगाये गये है। इनमें प्रमुख आरोप है कि ट्रंप ने बाइडेन से अपनी हार को पलटने का प्रयास किया। 6 जनवरी, 2021 को, चुनावी धोखाधड़ी के कई हफ्तों के दावों के बाद, ट्रंप ने एक उग्र भाषण दिया। जबकि कांग्रेस ने परिणामों को प्रमाणित करने के लिए बैठक की थी। इसके बाद, बाइडेन की जीत की औपचारिकता को रोकने के प्रयास में उनके समर्थकों ने यूएस कैपिटल पर धावा बोल दिया।

स्मिथ ने कहा कि 6 जनवरी, 2021 को हमारे देश की राजधानी पर हमला, अमेरिकी लोकतंत्र पर एक अभूतपूर्व हमला था। जैसा कि अभियोग में वर्णित है। यह हमला ट्रंप के झूठ से प्रेरित था। अभियोग में आरोप लगाया गया है कि ट्रंप ने परिणामों को पलटने के लिए छह अन्य अज्ञात व्यक्तियों के साथ साजिश रची। अभियोजकों ने लिखा कि ट्रंप जानते थे कि उनके दावे कि चुनाव परिणाम में धोखाधड़ी हुई है झूठा है, लेकिन फिर भी उन्होंने अविश्वास और क्रोध का तीव्र राष्ट्रीय माहौल बनाने और चुनाव प्रशासन में जनता के विश्वास को कम करने के लिए उन्हें दोहराया। एक बयान में, ट्रंप अभियान की ओर से कहा गया कि उन्होंने हमेशा कानून का पालन किया है और अभियोग को नाजी जर्मनी की याद दिलाने वाला राजनीतिक ‘उत्पीड़न’ बताया है। अधिकारियों ने गवाही दी है कि ट्रंप ने व्यापक मतदान धोखाधड़ी के झूठे दावों के आधार पर उन पर दबाव डाला।

कांग्रेस को बाइडेन की जीत को प्रमाणित करने से रोकने के लिए उनके समर्थकों ने 6 जनवरी, 2021 को यूएस कैपिटल पर हमला किया। अभियोग में आरोप लगाया गया है कि ट्रंप और सह-षड्यंत्रकारियों पर सात राज्यों में मतदाताओं के फर्जी नंबर जारी किये जिनमें से सभी में वह हार गए थे। जिससे जनता में एक अविश्वास का माहौल बना। ट्रंप पहले ही आपराधिक आरोपों का सामना करने वाले पहले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बन चुके हैं।

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