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उत्तराखंड का काला सच: …तो राज्य बनने के बाद से एक भी भर्ती बेदाग नहीं!

  • वन दारोगा की ऑनलाइन परीक्षा, यूपीसीएल-यूजेवीएनएल में एई भर्ती के अलावा पांच और भर्तियां भी संदेह के घेरे में

देहरादून। उत्तराखंड राज्य के अस्तित्व में आने के बाद यहां के युवाओं में यह उम्मीद जगी थी कि इस छोटे से ‘मेरो उत्तराखंड‘ बनने से उनके नौकरी या रोजगार के सपने पूरे हो जाएंगे, लेकिन जिस तरह पिछली भर्तियों पर सवाल उठ रहे हैं और उनकी परतें खुलती जा रही है, उससे उत्तराखंड के युवा अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। नेताओं, मंत्रियों और नौकरशाहों ने यहां अपने चहेतों और रिश्तेदारों को खूब नौकरियां बांटी हैं और अन्य अभ्यर्थियों से लाखों रुपये वसूल कर खूब चांदी काटी है। यूकेएसएसएससी द्वारा आयोजित आठ और भर्ती परीक्षाओं में धांधली के सुबूत मिले हैं। ये सभी भर्तियां वर्ष 2015 के बाद की बताई जा रही हैं। इन भर्तियों के संबंध में शासन और पुलिस विभाग में मंथन चल रहा है। इनमें से कुछ में जल्द मुकदमे दर्ज हो सकते हैं।
इस समय एसटीएफ उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय और सचिवालय रक्षक भर्ती प्रक्रिया की मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है। अब 31 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पेपर लीक का मास्टरमाइंड दागी कंपनी आरएमएस सॉल्यूशन का मालिक राजेश चैहान ही बताया जा रहा है। इस मामले में अब तक कई विभागों में काम करने वाले लोग भी गिरफ्तार हुए हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इनसे पूछताछ में जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। इनमें आठ और भर्ती परीक्षाओं में धांधली का पता चला है।
सूत्रों के अनुसार वन दारोगा की ऑनलाइन परीक्षा समेत उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लि. (यूपीसीएल) और उत्तराखंड जल विद्युत निगम लि. (यूजेवीएनल) में एई की भर्ती में धांधली के सुबूत मिले हैं। इनके अलावा पांच और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी की बात भी सामने आई है। एसटीएफ ने अभी इनके नामों का खुलासा नहीं किया है। हालांकि इसके बारे में पुलिस मुख्यालय को बताया जा चुका है। कई मामलों में जल्द ही मुकदमे दर्ज करने की तैयारी है। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि एसटीएफ बेहतर काम कर रही है। कुछ भर्तियों में प्राथमिक जांच पूरी हो चुकी है। इनमें मुकदमे दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
एसटीएफ के मुताबिक पेपर लीक मामले में सिर्फ जेल गए आरोपियों पर ही नहीं बल्कि अभ्यर्थियों के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की जाएगी। अब तक एसटीएफ 100 से ज्यादा अभ्यर्थियों से पूछताछ में तस्दीक कर चुकी कि उन्होंने नकल कर परीक्षा पास की थी। हालांकि कुछ फेल भी हुए थे। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि इन अभ्यर्थियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी। जबकि वन दारोगा भर्ती 2019 में धांधली की बात शुरुआत से ही सामने आ रही थी। 316 पदों के लिए ऑनलाइन परीक्षा हुई थी। परीक्षा में धांधली हुई है, यह बात भी वर्तमान जांच में सामने आई है। जल्द ही इसमें भी मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। इसकी जांच भी एसटीएफ को ही सौंपी जाएगी। इसके साथ ही कनिष्ठ सहायक (न्यायिक) भर्ती परीक्षा में भी जल्द ही मुकदमे के आदेश हो सकते हैं।
हालांकि वन आरक्षी भर्ती में हुई धांधली संबंधी केस समझौते के आधार पर हाईकोर्ट के निर्देश पर बंद किया जा चुका है। उस मुकदमे में हाकम सिंह रावत को भी आरोपी बनाया गया था। डीजीपी ने इस मुकदमे का परीक्षण करने के आदेश दिए थे। इसके लिए पुलिस विधिक राय ले रही है। माना जा रहा कि इस मामले में नए सिरे से मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है।

इन भर्तियों की चल रही जांच
वीडीओ भर्ती : एसटीएफ
स्नातक स्तरीय : एसटीएफ  
सचिवालय रक्षक : एसटीएफ
सब इंस्पेक्टर 2015 : विजिलेंस जांच
वन आरक्षी : बंद केस का परीक्षण जारी
कनिष्ठ सहायक (न्यायिक) : एसटीएफ  

उधर वन दारोगा ऑनलाइन परीक्षा में धांधली के सबूत मिले हैं जिससे इसमें जल्द ही मुकदमा दर्ज हो सकता है। यूपीसीएल एई भर्ती में धांधली के कुछ सबूत मिले हैं। इस बाबत एसटीएफ ने निगम से जानकारी मांगी है। 

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