यह कहना है एक नाबालिग लड़की का, जिसे कुछ दिनों पहले राजधानी दिखाने-घुमाने के बहाने ले जाया गया। वहां से उसे राजस्थान ले जाया गया और उसे एक परिवार में बेच दिया गया। जिस युवक से उसकी शादी रचाई गई, वह उससे दूने उम्र का था। इस मामले में विधानसभा पुलिस ने दो महीने बाद नाबालिग की पड़ोसी महिला, मुरैना के एक शख्स को गिरफ्तार किया है। साथ ही राजस्थान से नाबालिग को भी छुड़ा कर लाया है।

पुलिस को दिये बयान में लड़की ने ये सब कहा है। लड़की ने बताया कि पास की एक महिला मुझे झांसा देकर रायपुर ले आई। वहां से मुझे फिर जबरन राजस्थान ले गई। इस बीच में एक शख्स और भी आ गया। उसने मुझसे सेक्स तो नहीं किया, लेकिन छूने की कोशिश की थी। फिर, एक परिवार में ले गई और वहां मुझे बेच दिया गया।

यह लड़की अपने घर से एक दिसंबर, 2016 से ही लापता थी। मां-पिता ने विधानसभा पुलिस थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया था। पड़ताल में पुलिस को पास की एक महिला पर शक हुआ। जब वह नाबालिग के अपहरण के एक हफ्ते बाद लौट कर आ गई। इस मामले की जांच ट्रेनी डीएसपी माधुरी धिरही ने की थी।

महिला ने पूछताछ में बताया कि उसने युवती को भिलाई से अटार बमई ले गई। वहां से मुरैना के जगदीश जाटव को लिया और राजस्थान के करौली में ले जाकर बेच दिया। फिर, उसकी जबरन शादी भी करा दी गई। हालांकि, इस मामले में यह पता नहीं चल सका है कि उसे कितने रुपये में बेचा गया था।

नाबालिग के साथ मोबाइल का होना वरदान बन गया और उसी के आधार पर पुलिस ने लोकेशन ट्रेस किया और पकड़ लिया। दोनों को धारा 370, 370 क(2) के तहत जेल भेजा गया है। इस मामले में कुछ अन्य आरोपी भी हैं, जिनको खोजा जा रहा है। पुलिस ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।