मुरासु चक्रवात: आंध्र प्रदेश में 2 की मौत, 344 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान
अमरावती: मुरासु चक्रवात ने आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाई है। तूफान से जुड़ी घटनाओं में कम से कम दो लोगों की मौत हुई है और राज्य को करीब 344 करोड़ रुपये के नुकसान का शुरुआती अनुमान है। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने यह जानकारी दी है।
मुरासु चक्रवात से 15 जिले प्रभावित
मुरासु चक्रवात मंगलवार तड़के करीब 3:30 से 5:30 बजे के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के पास तट से टकराया था। उस समय हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जो झोंकों में 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंची। राज्य के 15 जिलों के 132 मंडल इससे प्रभावित हुए हैं।
फसलें और घर बर्बाद
शुरुआती आकलन के मुताबिक 52,459 हेक्टेयर में खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं और 312 मकानों को नुकसान पहुंचा है। कृष्णा, बापटला और नंद्याल जिलों में खेतों में पानी भरने से किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। कई जगह मछुआरों की नौकाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि फील्ड सर्वे पूरा होने पर नुकसान के आंकड़े बदल सकते हैं।
बिजली और रेल सेवाएं प्रभावित
तेज हवाओं से करीब 2,750 बिजली के खंभे गिर गए और ट्रांसमिशन लाइनों व सब-स्टेशनों को भी नुकसान पहुंचा। प्रकाशम और बापटला जिलों में बिजली व्यवस्था सबसे ज्यादा प्रभावित हुई। रेलवे ने 35 से ज्यादा ट्रेनें रद्द कीं, 14 का मार्ग बदला और आठ के समय में बदलाव किया। कई उड़ानें भी रद्द करनी पड़ीं।
एहतियात के तौर पर हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था। 12 हजार से ज्यादा लोग अब भी राहत शिविरों में हैं, जहां भोजन और चिकित्सा टीमों की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री नायडू ने केंद्र से मांगी मदद
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने हालात की समीक्षा की और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को नुकसान की जानकारी दी। उन्होंने त्वरित सहायता के लिए केंद्र का आभार जताया और कहा कि राज्य के अधिकारी केंद्रीय टीमों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। राज्य ने राहत और पुनर्वास के लिए केंद्र से सहयोग मांगा है।
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मौसम विभाग के मुताबिक तूफान कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल रहा है, लेकिन तटीय इलाकों में कुछ जगहों पर भारी बारिश और जलभराव की आशंका अभी बनी हुई है। प्रशासन ने निचले इलाकों में लोगों को सतर्क रहने को कहा है।
फीचर्ड तस्वीर प्रतीकात्मक है। फोटो: MODIS Land Rapid Response Team, NASA GSFC / Wikimedia Commons, Public domain
