केदारताल ट्रेक हादसा: बर्फ में दबे दो शव बरामद, छह लोगों की तलाश जारी
उत्तरकाशी: केदारताल ट्रेक पर हिमस्खलन और भारी बर्फबारी के बाद लापता हुए आठ लोगों में से दो के शव बर्फ के नीचे से बरामद कर लिए गए हैं। राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) की संयुक्त टीम ने मंगलवार को कड़ी मशक्कत के बाद एक महिला और एक पुरुष का शव निकाला। बाकी छह लोगों की तलाश बुधवार को छठे दिन भी जारी है।
केदारताल ट्रेक पर कैसे फंसा दल
जिला आपदा परिचालन केंद्र के मुताबिक, 27 अक्टूबर को सात ट्रैकर और छह सहयोगी कर्मचारियों का 13 सदस्यीय दल गंगोत्री से केदारताल के लिए निकला था। एक रसोइया अगले दिन ही लौट आया था। दल को 29 अक्टूबर तक वापस आना था, लेकिन खराब मौसम, भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के कारण रास्ता बंद हो गया।
बचाव दलों ने पहले चार लोगों को सुरक्षित ढूंढ निकाला था, जबकि आठ लोग भोजखड़क से आगे फंस गए थे। सोमवार शाम करीब 4,000 मीटर की ऊंचाई पर केदारखड़क के पास एक टेंट और कुछ सामान मिला था।
शवों की पहचान अभी बाकी
बरामद दोनों शवों की आधिकारिक पहचान अभी नहीं हुई है। लापता लोगों में पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के पांच ट्रैकर, लखनऊ की दो बहनें और उत्तरकाशी का एक स्थानीय गाइड शामिल है। परिजन उत्तरकाशी पहुंचकर लगातार अभियान की जानकारी ले रहे हैं।
बर्फीले तूफान ने बढ़ाई मुश्किल
SDRF कमांडेंट अर्पण यदुवंशी ने इसे ऊंचाई पर चलने वाला बेहद कठिन अभियान बताया है। हिमस्खलन से जमीनी रास्ता बंद होने के कारण जवानों को हेलीकॉप्टर से इलाके में पहुंचाया जा रहा है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 10 सदस्यीय टीम, वन विभाग और ट्रेकिंग एजेंसी के कर्मचारी भी तलाश में जुटे हैं। देहरादून से SDRF के अतिरिक्त जवान भी भेजे गए हैं।
ऊंचे ट्रेक के परमिट पर रोक
गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन ने केदारताल, कालिंदी खाल और उदनकोल समेत 4,000 मीटर से ऊपर के ट्रेक के लिए नए परमिट जारी करना बंद कर दिया है। भारी बर्फ के कारण गोमुख-तपोवन मार्ग पर भी आवाजाही रोकी गई है। अधिकारियों के मुताबिक यह रोक मौसम सुधरने तक जारी रहेगी।
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प्रशासन के मुताबिक मौसम ठीक रहने पर बुधवार सुबह से खोज अभियान फिर तेज किया गया है और शेष छह लोगों की तलाश जारी रहेगी।
फीचर्ड तस्वीर प्रतीकात्मक है। फोटो: Arunsingh / Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0
