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शैलेश लोढ़ा का तंज: अभिजीत दिपके और ‘नकली संसद’ पर कवि सम्मेलन में चुटकी

नई दिल्ली: कवि और अभिनेता शैलेश लोढ़ा का एक कवि सम्मेलन का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब देखा जा रहा है। इसमें शैलेश लोढ़ा ने मंच से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके पर व्यंग्य किया और बिना किसी का नाम लिए विपक्ष की हाल में हुई ‘मॉक संसद’ पर भी चुटकी ली।

शैलेश लोढ़ा ने मंच से क्या कहा

वीडियो में शैलेश लोढ़ा श्रोताओं की भारी भीड़ की ओर इशारा करते हुए कहते हैं कि अभिजीत दिपके किसी गलतफहमी में हैं। उनके मुताबिक, जंतर-मंतर पर कुछ सौ लोगों को जुटाकर कोई खुद को बहुत बड़ा न समझे, उसे यहां लाकर दिखाया जाए कि भीड़ क्या होती है।

इसके बाद उन्होंने किसी नेता का नाम लिए बिना ‘नकली पार्लियामेंट’ का जिक्र किया। लोढ़ा ने व्यंग्य भरे अंदाज में कहा कि बहुत मेहनत से नकली संसद बनाई गई, लेकिन उसमें भी प्रधानमंत्री नहीं बन पाए। उनकी इस बात पर सभागार में तालियां और ठहाके सुनाई देते हैं।

क्या थी विपक्ष की ‘मॉक संसद’

31 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दिल्ली स्थित आवास पर INDIA गठबंधन के दलों ने एक प्रतीकात्मक ‘मॉक संसद’ आयोजित की थी। इसकी अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने की। इसमें विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सांकेतिक ‘महाभियोग’ प्रस्ताव पारित किया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में गड़बड़ी के आरोप लगाए।

भाजपा ने इस आयोजन को ‘ड्रामा’ बताया था। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा था कि वोट चोरी के आरोप बेबुनियाद हैं और उन्होंने तंज कसते हुए राहुल गांधी को ‘मॉक प्रधानमंत्री’ बनाए रखने की बात कही थी। चुनाव आयोग पहले भी ऐसे आरोपों को खारिज करता रहा है।

कौन हैं अभिजीत दिपके

अभिजीत दिपके एक राजनीतिक संचार रणनीतिकार हैं, जिन्होंने इस साल मई में सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक मंच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ शुरू किया था। इस मंच ने युवाओं की बेरोजगारी और परीक्षा पेपर लीक जैसे मुद्दों पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किए थे, जिनकी वजह से यह मंच चर्चा में रहा।

शैलेश लोढ़ा के वीडियो पर बंटी राय

शैलेश लोढ़ा लंबे समय से हास्य और व्यंग्य कविताओं के लिए जाने जाते हैं और टीवी धारावाहिक के जरिए भी घर-घर में पहचाने जाते हैं। उनके इस वीडियो पर सोशल मीडिया में प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं। कुछ लोग इसे मंच का हल्का-फुल्का व्यंग्य मान रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक टिप्पणी के रूप में देख रहे हैं। इस वीडियो पर अभिजीत दिपके या विपक्षी दलों की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

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वोट चोरी के आरोपों और SIR प्रक्रिया को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

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