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पत्रकारों के लिए धामी की दो घोषणाएं: मान्यता का दायरा बढ़ेगा, पेंशन में भी इजाफा

देहरादून: दीपावली से पहले उत्तराखण्ड के पत्रकारों के लिए अच्छी खबर आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि राज्य में तहसील, जिला और प्रदेश स्तर पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों की संख्या बढ़ाई जाएगी। साथ ही पत्रकार पेंशन की राशि में भी बढ़ोतरी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं देहरादून में उत्तरांचल प्रेस क्लब की ओर से आयोजित दीपावली महोत्सव में कीं। कार्यक्रम में उन्होंने प्रेस क्लब के सदस्यों और पत्रकारों को प्रकाश पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और कामना की कि यह त्योहार सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और अच्छा स्वास्थ्य लेकर आए।

मान्यता और पेंशन पर दो बड़े ऐलान

मुख्यमंत्री की पहली घोषणा पत्रकारों की मान्यता से जुड़ी है। उनके अनुसार तहसील, जिला और राज्य, तीनों स्तरों पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों की संख्या में इजाफा किया जाएगा। दूसरी घोषणा पत्रकार पेंशन को लेकर है, जिसकी राशि बढ़ाने की बात मुख्यमंत्री ने कही।

धामी ने याद दिलाया कि राज्य सरकार पहले भी पत्रकार पेंशन में बढ़ोतरी कर चुकी है। इसके अलावा पत्रकार कल्याण कोष की राशि को 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि पत्रकारों को अपना काम करने के लिए जरूरी सुविधाएं और सहयोग मिलता रहे।

“जनता और सरकार के बीच संवाद की कड़ी हैं पत्रकार”

पत्रकारों की भूमिका पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि पत्रकार एक ओर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाते हैं, तो दूसरी ओर जनता की समस्याएं और अपेक्षाएं सरकार तक ले जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने पत्रकारिता को समाज का दर्पण भी कहा। उनके मुताबिक पत्रकारों से मिलने वाले सुझाव और फीडबैक से सरकार और प्रशासन को यह समझने में मदद मिलती है कि योजनाओं और विकास कार्यों का जमीन पर क्या असर हो रहा है। इसी संदर्भ में उन्होंने देवर्षि नारद की संवाद परंपरा का भी जिक्र किया।

डिजिटल दौर में फेक न्यूज बड़ी चुनौती

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और नई तकनीकों ने पत्रकारिता के लिए नई संभावनाएं खोली हैं, लेकिन इसी दौर में फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं का फैलना भी बड़ी चुनौती बन गया है।

ऐसे में उनके अनुसार तथ्यों की जांच करके सही, सटीक और निष्पक्ष जानकारी लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी पहले से ज्यादा बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय पत्रकारिता समाज को भ्रम से बचाती है और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करती है।

सुरक्षा, बीमा और आवास पर भी कदम

धामी ने कहा कि राज्य सरकार पत्रकारों की समस्याओं और हितों को लेकर संवेदनशील है। पत्रकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, आकस्मिक सहायता और आवासीय सुविधाओं के लिए अलग-अलग स्तरों पर कदम उठाए गए हैं। मान्यता प्राप्त पत्रकारों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने के साथ वरिष्ठ पत्रकारों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा का भी ध्यान रखा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जनसंचार के क्षेत्र में उत्तराखण्ड की पहचान मजबूत करने के लिए मीडिया सेंटरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और प्रेस क्लबों को सशक्त बनाने पर भी काम चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लक्ष्य में पत्रकारों के सुझाव और रचनात्मक सहयोग की अहम भूमिका है, और पत्रकारों की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए सरकार आगे भी सकारात्मक कदम उठाती रहेगी। अब पत्रकारों की नजर इस पर रहेगी कि मान्यता और पेंशन से जुड़ी इन घोषणाओं पर अमल कब और किस रूप में होता है।

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