यूपी ओपिनियन पोल 2027: UP-उत्तराखंड में भाजपा आगे, पर सर्वे में अंतर पर एक राय नहीं
लखनऊ/देहरादून: 2027 विधानसभा चुनाव से पहले आए यूपी ओपिनियन पोल 2027 और उत्तराखंड के ताजा सर्वे में भाजपा बढ़त में दिख रही है। हालांकि अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में अंतर काफी बड़ा है, खासकर उत्तर प्रदेश में भाजपा और समाजवादी पार्टी गठबंधन के बीच फासले को लेकर सर्वे एकमत नहीं हैं।
यूपी ओपिनियन पोल 2027: News18 सर्वे में NDA को बड़ी बढ़त
News18 ने Pvalue Analytics के साथ 17 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच प्रदेश के सभी 75 जिलों में 30,925 लोगों से बातचीत कर मेगा सर्वे किया। इसके मुताबिक NDA को 66.6 फीसदी, सपा-कांग्रेस गठबंधन को 26.4 फीसदी और बसपा को 5.4 फीसदी वोट मिल सकते हैं। पसंदीदा मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ को 66.2 फीसदी और अखिलेश यादव को 24.4 फीसदी लोगों ने चुना।
सितंबर में आए न्यूज लीडर-मैट्रिज सर्वे में 403 सीटों वाली विधानसभा में NDA को 267, सपा गठबंधन को 132 और बसपा को 2 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था। बहुमत का आंकड़ा 202 है। कुछ अन्य ट्रैकर सर्वे में दोनों गठबंधनों के बीच वोट शेयर का अंतर काफी कम बताया गया है।
उत्तराखंड में भाजपा आगे, पर मुकाबले के संकेत भी
70 सीटों वाली उत्तराखंड विधानसभा में बहुमत के लिए 36 सीटें चाहिए। अगस्त में आए वोट वाइब ओपिनियन पोल ट्रैकर में भाजपा को 40.9 फीसदी और कांग्रेस को 36.7 फीसदी वोट मिलने का अनुमान जताया गया। अगस्त में ही आए SN News के सर्वे में भाजपा को 46 और कांग्रेस को 22 सीटें दी गई थीं।
वहीं जुलाई में पोल मित्रा के एक सर्वे में कांग्रेस को मामूली बढ़त दिखाई गई थी। यानी पहाड़ी राज्य में भी तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा लगातार तीसरी जीत की कोशिश में है, जबकि कांग्रेस गणेश गोदियाल की अगुआई में वापसी की तैयारी कर रही है।
सर्वे सिर्फ अनुमान, नतीजे नहीं
ओपिनियन पोल एक तय समय में लिए गए छोटे सैंपल पर आधारित होते हैं और इनमें त्रुटि की गुंजाइश रहती है। अलग-अलग एजेंसियों की पद्धति और सैंपल साइज भी अलग होते हैं, इसलिए इन्हें चुनाव नतीजों का संकेत भर माना जाना चाहिए, अंतिम फैसला नहीं।
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आगे क्या
दोनों राज्यों में विधानसभा चुनाव 2027 की शुरुआत में होने हैं। चुनाव आयोग की ओर से कार्यक्रम घोषित होने से पहले आने वाले महीनों में और सर्वे सामने आएंगे, और गठबंधनों की तस्वीर साफ होने के साथ आंकड़े बदल भी सकते हैं।
