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राहुल गांधी मोदी बहस: संगरूर रैली में फिर दी चुनौती, ‘5 मिनट में साबित कर दूंगा’

संगरूर: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पंजाब के संगरूर में कांग्रेस की ‘इंसाफ रैली’ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर आमने-सामने बहस की चुनौती दी। राहुल गांधी मोदी बहस की यह चुनौती लगातार तीसरे दिन दोहराई गई। बुधवार को हुई इस रैली के साथ कांग्रेस ने अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए अपने अभियान की शुरुआत की।

राहुल गांधी मोदी बहस: ‘5 मिनट में साबित कर दूंगा’ का दावा

रैली में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री कांग्रेस नेताओं को देशद्रोही कहते हैं, जबकि वे पांच मिनट में साबित कर सकते हैं कि यह आरोप खुद प्रधानमंत्री पर लागू होता है। उन्होंने यह दावा भी किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री को नियंत्रित करते हैं। राहुल ने कहा कि बहस के लिए प्रधानमंत्री चाहें तो RSS प्रमुख मोहन भागवत या उद्योगपति गौतम अडानी को भी जज चुन सकते हैं।

ये सभी राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप हैं। भाजपा या प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन्हें स्वीकार नहीं किया है और इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

ट्रेड डील, अडानी और संसद में माइक का मुद्दा

PTI-भाषा की रिपोर्ट के अनुसार राहुल ने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में किसानों, छोटे कारोबारियों और डेटा से जुड़े हितों से समझौता किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संसद में उनका माइक बंद कर दिया जाता है और उन्हें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर बोलने नहीं दिया जाता। राहुल ने सोशल मीडिया पर कराए गए अपने एक पोल का भी जिक्र किया, जिसमें उनके मुताबिक 73 फीसदी लोगों ने बहस का समर्थन किया।

भाजपा का जवाब: ‘बहस परिपक्व लोगों के बीच होती है’

भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने X पर लिखा कि शीर्ष स्तर की बहस परिपक्व लोगों के बीच होती है। इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि सरकार SIR पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है और विपक्ष को उसमें हिस्सा लेना चाहिए। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का एक वीडियो भी इस बहस के बीच चर्चा में रहा, जिस पर राहुल ने रैली में तंज कसा।

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पंजाब चुनाव से पहले तेज हुई सियासत

संगरूर की यह रैली पंजाब में 2027 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा शक्ति प्रदर्शन मानी जा रही है। बहस की चुनौती पर प्रधानमंत्री की ओर से अब तक कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं आई है। आने वाले दिनों में SIR और संसद सत्र के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने के आसार हैं।

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