Wednesday , November 30 2022
Breaking News
Home / उत्तराखण्ड / उत्तराखंड: अब वीपीडीओ पेपर लीक मामले में धमाका, चार शहरों में चल रहे थे नकल के केंद्र!

उत्तराखंड: अब वीपीडीओ पेपर लीक मामले में धमाका, चार शहरों में चल रहे थे नकल के केंद्र!

देहरादून। अब एसटीएफ ने वीपीडीओ पेपर लीक मामले में यूपी और उत्तराखंड के नकल माफिया के एक और गठजोड़ का पर्दाफाश किया है। इस मामले में यूपी के चंदौली निवासी शशिकांत को गहन पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। साथ ही एसटीएफ ने नकल के नए सेंटर का भी खुलासा किया है।
एसटीएफ टीम ने नैनीताल के डिंगता रिजॉर्ट धानाचूली बैंड में एक और नकल गिरोह का पर्दाफाश किया है। जहां 60 छात्रों को नकल करायी गयी थी। एसटीएफ ने सभी नकलची छात्रों को चिन्हित कर लिया है। रिजॉर्ट अल्पाइन वहीं पास में है, वहीं बाकी बच्चों को ले जाया गया था। उनका सभी रिकॉर्ड रिजॉर्ट से प्राप्त कर एसटीएफ जांच कर रही है। बहुत से छात्र जो पेपर क्लियर नहीं कर पाए हैं, उनको एसटीएफ टीम द्वारा वेरिफाई किया जा रहा है।
अभियुक्त शशिकांत ने खुद के 4 ऑनलाइन परीक्षा केंद्र हल्द्वानी, अल्मोड़ा, चंपावत और पिथौरागढ़ में खोले हुए हैं। इन परीक्षा केंद्रों में अब तक 40 से अधिक परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित की गई हैं। उत्तर प्रदेश के नकल माफिया शशिकांत पर साल 2013 में उत्तराखंड सीटीईटी परीक्षा में नकल कराने पर हल्द्वानी में भी मुकदमा दर्ज.है। यूकेएसएसएससी मामले से पहले भी उत्तराखंड में कई भर्ती परीक्षाओं के घपले हुए हैं। जिनकी जांच किन्हीं कारणों के चलते अभी तक पूरी नहीं हुई है। ऐसा ही एक मामला साल 2015-16 का है। साल 2015 में यूकेएसएसएससी ने ग्राम विकास अधिकारी का पेपर कराया था, जिसमें कई अभ्यर्थियों की आंसर ओएमआर शीट से छेड़छाड़ की गई थी और उन्हें पास दिखाया है. इस मामले का खुलासा साल 2020 में हुआ था.
इस मामले में विजिलेंस ने मुकदमा भी दर्ज किया था। तभी से विजिलेंस इस मामले की जांच कर रही है. लेकिन जांच का हाल यह है कि अभी तक न तो विजिलेंस में किसी को आरोपी बना पाई है और न ही इस केस जांच पूरी कर पाई है। ऐसे में सरकार ने अब ग्राम विकास अधिकारी भर्ती घोटाले की जांच भी उत्तराखंड एसटीएफ को देने का फैसला किया। ताकि इस केस से भी जल्द से जल्द पर्दा उठ सके। अब एसटीएफ के खुलासे से विजिलेंस अधिकारियों के रवैये पर भी सवाल उठ रहे हैं और वे भी शक के दायरे में आ गये हैं।

About team HNI

Check Also

सरकार का यू टर्न : माना- रामदेव की दवाओं पर बैन यानी गलती से हुई ‘मिस्टेक’!

अब आयुर्वेद विभाग ने हटाई दिव्य फार्मेसी की पांच दवाओं के उत्पादन पर लगाई गई …

Leave a Reply